मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) 2025: जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व!
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) 2025: पूजा विधि और महिमा
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है, जो प्रत्येक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान शिव को समर्पित है और महाशिवरात्रि के समान ही इसका विशेष महत्व है। शिव भक्त इस दिन व्रत, पूजा, अभिषेक और रात्रि जागरण करके भगवान शिव की कृपा प्राप्त करते हैं।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) 2025 की तिथियां और शुभ मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि हर महीने आती है, इसलिए वर्ष 2025 में 12 बार मनाई जाएगी। प्रत्येक मास की शिवरात्रि का शुभ पूजा मुहूर्त अलग-अलग होता है, जो चंद्रमा की स्थिति और तिथि के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
2025 में मासिक शिवरात्रि की तिथियां इस प्रकार हैं:
महीना | तिथि | शुभ मुहूर्त (रात्रि) |
---|---|---|
जनवरी | 27 जनवरी | 11:45 PM – 12:35 AM |
फरवरी | 26 फरवरी | 12:00 AM – 12:50 AM |
मार्च | 27 मार्च | 11:30 PM – 12:20 AM |
अप्रैल | 25 अप्रैल | 11:55 PM – 12:45 AM |
मई | 25 मई | 12:10 AM – 1:00 AM |
जून | 23 जून | 11:40 PM – 12:30 AM |
जुलाई | 23 जुलाई | 11:50 PM – 12:40 AM |
अगस्त | 21 अगस्त | 12:05 AM – 12:55 AM |
सितंबर | 20 सितंबर | 11:35 PM – 12:25 AM |
अक्टूबर | 19 अक्टूबर | 11:50 PM – 12:40 AM |
नवंबर | 18 नवंबर | 12:15 AM – 1:05 AM |
दिसंबर | 17 दिसंबर | 11:55 PM – 12:45 AM |
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का धार्मिक महत्व
मासिक शिवरात्रि का महत्व पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन हुआ था। इसलिए, यह दिन शिव उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस दिन व्रत और रात्रि जागरण करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पापों से मुक्ति मिलती है। संतान सुख, धन, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए भक्त मासिक शिवरात्रि का व्रत रखते हैं।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) व्रत और पूजा विधि
1. व्रत का संकल्प लें
सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें और भगवान शिव की पूजा करने का संकल्प लें। व्रत में फलाहार किया जा सकता है, लेकिन अन्न नहीं खाना चाहिए।
2. दिनभर उपवास रखें
इस दिन नींबू पानी, फल, दूध और सूखे मेवे खाकर व्रत रखा जा सकता है। कुछ लोग केवल जल पर ही उपवास करते हैं, जिसे निर्जला व्रत कहते हैं।
3. शिवलिंग का अभिषेक करें
शाम को मंदिर जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें। अभिषेक में गंगाजल, दूध, शहद, दही, घी और बेलपत्र का उपयोग करें।
4. पंचोपचार या षोडशोपचार पूजा करें
भगवान शिव की धूप, दीप, चंदन, पुष्प और नैवेद्य से पूजा करें।
5. रात्रि जागरण करें
रातभर ओम नमः शिवाय का जप करें और शिव चालीसा, रुद्राष्टक और शिव पुराण का पाठ करें।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) के लाभ
- सभी प्रकार के दोष और कष्ट समाप्त होते हैं।
- वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है।
- अकाल मृत्यु और अनिष्ट से रक्षा होती है।
- व्यवसाय और करियर में उन्नति मिलती है।
- स्वास्थ्य और मानसिक शांति मिलती है।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) से जुड़े पौराणिक कथाएं
1. समुद्र मंथन और शिवजी का नीलकंठ रूप
एक पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विष निकला, जिससे संपूर्ण सृष्टि को संकट होने लगा। तब भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए।
2. शिकारी और मासिक शिवरात्रि व्रत
एक बार एक शिकारी ने अनजाने में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ा दिए और पूरी रात जागरण किया। इससे भगवान शिव प्रसन्न हुए और उसे मोक्ष प्राप्त हुआ।

सावधानियां और नियम
- मांसाहार और नशे का सेवन न करें।
- पूजा में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- तामसिक भोजन से बचें और सात्विक आहार ग्रहण करें।
- बेलपत्र को उल्टा न चढ़ाएं, इससे दोष लगता है।
मासिक शिवरात्रि 2025 का हर शिवभक्त के लिए विशेष महत्व है। यह दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने, पापों से मुक्ति पाने और जीवन की बाधाओं को दूर करने का उत्तम अवसर है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) 2025: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) क्या है?
मासिक शिवरात्रि हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यह भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है।
2. मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?
महाशिवरात्रि साल में एक बार आती है, जबकि मासिक शिवरात्रि हर महीने में एक बार मनाई जाती है। महाशिवरात्रि का महत्व अधिक माना जाता है।
3. मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) 2025 में कितनी बार आएगी?
2025 में 12 बार मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी, क्योंकि यह प्रत्येक महीने में एक बार आती है।
4. मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का शुभ मुहूर्त कैसे पता करें?
शिवरात्रि का शुभ पूजा मुहूर्त पंचांग के अनुसार निर्धारित होता है। यह चतुर्दशी तिथि के अनुसार तय किया जाता है।
5. मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) के दिन क्या करना चाहिए?
इस दिन व्रत, शिवलिंग का अभिषेक, रात्रि जागरण और भगवान शिव का पूजन करना चाहिए।
6. मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का व्रत कैसे रखा जाता है?
व्रत रखने वाले भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और रात में शिव पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करते हैं।
7. क्या मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) पर निर्जला व्रत रखना जरूरी है?
नहीं, निर्जला व्रत आवश्यक नहीं है। भक्त फलाहार, दूध या हल्का भोजन लेकर भी व्रत रख सकते हैं।
8. मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) पर शिवलिंग का अभिषेक कैसे करें?
भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और बेलपत्र से अभिषेक करना शुभ माना जाता है।
9. क्या मासिक शिवरात्रि का व्रत महिलाएं भी रख सकती हैं?
हाँ, महिलाएं भी यह व्रत रख सकती हैं। विशेषकर सौभाग्य, संतान सुख और वैवाहिक जीवन की शांति के लिए इसे रखा जाता है।
10. मासिक शिवरात्रि पर कौन से मंत्र का जाप करें?
इस दिन “ॐ नमः शिवाय”, रुद्राष्टक, शिव चालीसा और शिव सहस्रनाम का पाठ करना शुभ होता है।
11. मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व क्या है?
यह व्रत करने से पापों से मुक्ति, मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में शांति व समृद्धि प्राप्त होती है।
12. मासिक शिवरात्रि पर क्या नहीं करना चाहिए?
इस दिन मांसाहार, नशा, झूठ बोलना, क्रोध और तामसिक भोजन से बचना चाहिए।
13. मासिक शिवरात्रि पर कौन से फूल भगवान शिव को चढ़ाने चाहिए?
भगवान शिव को बेलपत्र, आक के फूल, धतूरा और कनेर के फूल अर्पित करना शुभ होता है।
14. मासिक शिवरात्रि का व्रत कौन-कौन रख सकता है?
यह व्रत सभी पुरुष, महिलाएं और अविवाहित लड़कियां रख सकती हैं। यह विशेष रूप से सौभाग्य और संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है।
15. मासिक शिवरात्रि व्रत करने से कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?
इस व्रत से दुखों का नाश, सौभाग्य में वृद्धि, व्यवसाय में तरक्की, रोगों से मुक्ति और परिवार में सुख-शांति मिलती है।