दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: सही पूजा विधि, नियम और चमत्कारी लाभ! जानिए पूरी जानकारी!

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दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: सही पूजा विधि, नियम और चमत्कारी लाभ! जानिए पूरी जानकारी!


दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: सही पूजा विधि, नियम और चमत्कारी लाभ! जानिए पूरी जानकारी!


दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: पूजा विधि, नियम और लाभ

दुर्गाष्टमी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है, जिसे आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इसे महाष्टमी भी कहा जाता है और यह नवरात्रि के आठवें दिन आती है। इस दिन मां दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी रूप की पूजा की जाती है।

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दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: सही पूजा विधि, नियम और चमत्कारी लाभ! जानिए पूरी जानकारी!दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: पूजा विधि, नियम और लाभदुर्गाष्टमी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्तदुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) की पूजा विधिदुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के नियमदुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के लाभ1. मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण2. धन-वैभव की प्राप्ति3. रोगों से मुक्ति4. परिवार में सुख-शांति5. शत्रुओं पर विजयकन्या पूजन का महत्वकन्या पूजन कैसे करें?दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के दौरान हवन का महत्वहवन की विधिदुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब1. दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025 कब है?2. दुर्गाष्टमी का महत्व क्या है?3. दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) कैसे रखें?4. दुर्गाष्टमी व्रत के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?5. इस दिन कौन-कौन से नियम पालन करने चाहिए?6. क्या दुर्गाष्टमी के दिन व्रत करना अनिवार्य है?7. दुर्गाष्टमी पर कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?8. क्या इस दिन हवन करना आवश्यक है?9. दुर्गाष्टमी पर कौन-कौन से भोग चढ़ाए जाते हैं?10. कन्या पूजन क्यों किया जाता है?11. दुर्गाष्टमी के दिन कौन-से कार्य नहीं करने चाहिए?12. क्या दुर्गाष्टमी के दिन बाल कटवाना या नाखून काटना सही है?13. क्या दुर्गाष्टमी के दिन विशेष रंग के वस्त्र पहनने चाहिए?14. दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के फायदे क्या हैं?15. क्या दुर्गाष्टमी का व्रत (Durga Ashtami Vrat) केवल महिलाएं ही कर सकती हैं?

दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) करने से सभी दुखों का नाश होता है, जीवन में सुख-शांति आती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भक्त इस दिन विशेष पूजा-अर्चना, हवन, कन्या पूजन और व्रत रखते हैं। 2025 में दुर्गाष्टमी व्रत का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है? आइए विस्तार से जानते हैं।


दुर्गाष्टमी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

2025 में दुर्गाष्टमी व्रत का आयोजन 6 अक्टूबर को किया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है।

🔹 अष्टमी तिथि प्रारंभ – 5 अक्टूबर 2025, रात्रि 11:48 बजे
🔹 अष्टमी तिथि समाप्त – 6 अक्टूबर 2025, रात्रि 09:54 बजे
🔹 पूजा का शुभ समय – सुबह 06:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
🔹 हवन का श्रेष्ठ समय – सुबह 08:30 बजे से 10:30 बजे तक

इस दिन राहुकाल का ध्यान रखें और अशुभ समय में पूजा करने से बचें। सही मुहूर्त में व्रत और पूजा करने से दुर्गा मां की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।


दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) की पूजा विधि

दुर्गाष्टमी व्रत की पूजा विधि बहुत ही सरल होती है। इस दिन भक्त विशेष नियमों का पालन करते हुए मां दुर्गा की आराधना करते हैं। पूजा विधि इस प्रकार है:

  1. प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  2. घर के पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
  3. मां दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  4. मां को लाल चुनरी, अक्षत, रोली, चंदन, फूल और नारियल अर्पित करें।
  5. दुर्गा सप्तशती पाठ, अर्गला स्तोत्र या कवच पाठ करें।
  6. कुमकुम, चावल और पुष्प चढ़ाकर घी का दीपक जलाएं।
  7. दुर्गा मां को मिष्ठान, फल और पंचमेवा का भोग लगाएं।
  8. हवन और कन्या पूजन करें, जिससे मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होगी।

दुर्गाष्टमी की पूजा सच्ची श्रद्धा से करने पर मां दुर्गा सभी कष्टों का निवारण करती हैं।


दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के नियम

दुर्गाष्टमी के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। इन नियमों से पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

  1. व्रत रखने वाले व्यक्ति को ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए।
  2. इस दिन नमक, प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  3. शुद्ध सात्विक भोजन करें और तामसिक भोजन से बचें।
  4. क्रोध, झूठ और बुरी संगति से दूर रहें।
  5. किसी जरूरतमंद को दान-दक्षिणा अवश्य दें।
  6. इस दिन कन्या पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  7. मां दुर्गा की आराधना पूरे मन से करें और भक्ति में ध्यान लगाएं।

इन नियमों का पालन करने से व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है और देवी दुर्गा की कृपा बनी रहती है।


दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के लाभ

दुर्गाष्टमी व्रत करने से अनेक आध्यात्मिक और भौतिक लाभ मिलते हैं। मां दुर्गा की कृपा से जीवन में शांति, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।

1. मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण

जो भक्त सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता अपने भक्तों की सभी परेशानियों का नाश करती हैं।

2. धन-वैभव की प्राप्ति

दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखने और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में धन, वैभव और सौभाग्य आता है।

3. रोगों से मुक्ति

इस दिन मां दुर्गा की कृपा से सभी प्रकार के रोग और दुख दूर होते हैं। भक्तों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का लाभ मिलता है।

4. परिवार में सुख-शांति

दुर्गाष्टमी व्रत करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। घर में नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

5. शत्रुओं पर विजय

मां दुर्गा को महिषासुर मर्दिनी कहा जाता है। जो भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, उन्हें शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और उनकी सभी समस्याएं दूर होती हैं।

दुर्गाष्टमी व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मां दुर्गा की कृपा सदैव बनी रहती है।


कन्या पूजन का महत्व

दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। यह पूजा मां दुर्गा के नौ रूपों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए की जाती है।

कन्या पूजन कैसे करें?

  1. नौ कन्याओं को आमंत्रित करें, जो 2 से 10 वर्ष की आयु की हों।
  2. सभी कन्याओं के पैर धोकर उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाएं।
  3. उन्हें हलवा, पूड़ी, चना और मिठाई खिलाएं।
  4. कन्याओं को दक्षिणा और उपहार दें और उनका आशीर्वाद लें।
दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: सही पूजा विधि, नियम और चमत्कारी लाभ! जानिए पूरी जानकारी!
दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: सही पूजा विधि, नियम और चमत्कारी लाभ! जानिए पूरी जानकारी!

कन्या पूजन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और सभी भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं।


दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के दौरान हवन का महत्व

हवन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

हवन की विधि

  1. आम की लकड़ी और घी से हवन की तैयारी करें।
  2. गाय के घी, चावल, तिल, गुग्गुल और हवन सामग्री डालें।
  3. “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप करें।
  4. कम से कम 108 आहुतियां दें।

हवन करने से घर में शांति और समृद्धि आती है और मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।


दुर्गाष्टमी व्रत 2025 का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन व्रत, पूजा, हवन और कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और शत्रु विजय दिलाने में सहायक होता है।

दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025: महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब


1. दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) 2025 कब है?

उत्तर: दुर्गाष्टमी व्रत 2025 में 6 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा।

2. दुर्गाष्टमी का महत्व क्या है?

उत्तर: दुर्गाष्टमी को महाष्टमी भी कहा जाता है और यह मां दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी स्वरूप को समर्पित होती है। इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी कष्टों का नाश होता है और जीवन में शांति व समृद्धि आती है।

3. दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) कैसे रखें?

उत्तर: व्रत रखने के लिए ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करें, मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें, हवन करें, और पूरे दिन फलाहार करें।

4. दुर्गाष्टमी व्रत के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?

उत्तर: दुर्गाष्टमी की अष्टमी तिथि 5 अक्टूबर 2025 को रात 11:48 बजे शुरू होगी और 6 अक्टूबर 2025 को रात 09:54 बजे समाप्त होगी।

5. इस दिन कौन-कौन से नियम पालन करने चाहिए?

उत्तर:

  • सात्विक भोजन करें (प्याज-लहसुन न खाएं)।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मकता से बचें।
  • कन्या पूजन करें और जरूरतमंदों को दान दें।

6. क्या दुर्गाष्टमी के दिन व्रत करना अनिवार्य है?

उत्तर: यह वैकल्पिक है, लेकिन जो भक्त श्रद्धा से यह व्रत रखते हैं, उन्हें मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

7. दुर्गाष्टमी पर कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?

उत्तर:
🔹 “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”
🔹 “जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी”

8. क्या इस दिन हवन करना आवश्यक है?

उत्तर: हां, हवन करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता आती है।

9. दुर्गाष्टमी पर कौन-कौन से भोग चढ़ाए जाते हैं?

उत्तर: मां दुर्गा को हलवा, पूड़ी, चना, फल, पंचमेवा और मिठाई अर्पित की जाती है।

10. कन्या पूजन क्यों किया जाता है?

उत्तर: कन्या पूजन से मां दुर्गा की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और इसे नौ देवियों का पूजन माना जाता है।

11. दुर्गाष्टमी के दिन कौन-से कार्य नहीं करने चाहिए?

उत्तर:
🚫 मांस-मदिरा का सेवन न करें।
🚫 झूठ न बोलें और किसी को अपमानित न करें।
🚫 तामसिक भोजन से परहेज करें।

12. क्या दुर्गाष्टमी के दिन बाल कटवाना या नाखून काटना सही है?

उत्तर: नहीं, इस दिन बाल और नाखून काटना वर्जित माना जाता है।

13. क्या दुर्गाष्टमी के दिन विशेष रंग के वस्त्र पहनने चाहिए?

उत्तर: हां, इस दिन लाल, पीले या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

14. दुर्गाष्टमी व्रत (Durga Ashtami Vrat) के फायदे क्या हैं?

उत्तर:
मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
धन-वैभव में वृद्धि होती है।
रोग और कष्टों का नाश होता है।
परिवार में सुख-शांति आती है।

15. क्या दुर्गाष्टमी का व्रत (Durga Ashtami Vrat) केवल महिलाएं ही कर सकती हैं?

उत्तर: नहीं, यह व्रत सभी भक्तों (पुरुष, महिलाएं और बच्चे) के लिए शुभ होता है।


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