नवरात्रि में श्री यंत्र साधना: (Shri Yantra Sadhana) जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त करने का दिव्य मार्ग!
नवरात्रि का पर्व माँ दुर्गा की साधना और उपासना का विशेष समय होता है। इस दौरान की गई श्री यंत्र साधना (Shri Yantra Sadhana) व्यक्ति के जीवन में धन, सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। श्री यंत्र को सभी यंत्रों का राजा कहा जाता है और यह माँ लक्ष्मी का प्रतीक होता है। अगर इसे सही विधि से स्थापित और पूजन किया जाए, तो यह व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और अपार सफलता लाने में सहायक होता है। आइए, इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि नवरात्रि में श्री यंत्र साधना कैसे करें।
श्री यंत्र क्या (Shri Yantra Sadhana) है और इसका महत्व?
श्री यंत्र एक पवित्र यंत्र है, जिसमें विशेष ज्यामितीय संरचना होती है। इसे शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। श्री यंत्र में नौ त्रिकोणों का संयोग होता है, जो नवदुर्गा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- इसे धन, वैभव, सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद शक्तिशाली माना जाता है।
- यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
- व्यवसाय, नौकरी और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यह अचूक साधन है।
- यह व्यक्ति के चक्रों को जाग्रत कर जीवन में सौभाग्य लाने का कार्य करता है।
अगर नवरात्रि में सही तरीके से श्री यंत्र की साधना की जाए, तो यह अवश्य फलदायी होती है।
श्री यंत्र को नवरात्रि में कब और कहां स्थापित करें?
श्री यंत्र स्थापना के लिए नवरात्रि का समय अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे अष्टमी या नवमी तिथि को स्थापित करना सबसे अधिक फलदायी होता है। स्थापना के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- श्री यंत्र को पूजा कक्ष, मंदिर या व्यापार स्थल में स्थापित करें।
- इसे हमेशा पूर्व दिशा या उत्तर दिशा की ओर मुख करके रखें।
- यंत्र को एक स्वच्छ लाल या पीले कपड़े पर रखें।
- स्थापना के समय शुद्धता का विशेष ध्यान रखें और स्नान के बाद ही इसे स्थापित करें।
- यंत्र को स्थापित करने से पहले इसे गंगा जल, गुलाब जल या केसर मिश्रित जल से शुद्ध करें।
सही स्थान और विधि से स्थापना करने पर श्री यंत्र अधिक ऊर्जा उत्पन्न करता है और शीघ्र फल देता है।
नवरात्रि में श्री यंत्र साधना (Shri Yantra Sadhana) की विधि
श्री यंत्र की साधना के लिए सही विधि और नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। निम्नलिखित सरल चरणों में इसकी पूजा की जा सकती है:
1. श्री यंत्र की शुद्धि और स्थापना
- श्री यंत्र को गंगा जल, गाय के दूध और केसर मिश्रित जल से स्नान कराएं।
- इसे एक स्वच्छ लाल कपड़े पर रखें।
- यंत्र के चारों ओर अष्टगंध, चंदन और कुमकुम लगाएं।
2. दीप जलाना और आरती करना
- श्री यंत्र के सामने दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती करें।
- माँ लक्ष्मी या नवदुर्गा की आरती करें।
3. मंत्र जाप और ध्यान
- श्री यंत्र के सामने स्फटिक माला से 108 बार श्री यंत्र मंत्र का जाप करें।
- मंत्र:
“ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” - मंत्र जाप के बाद माँ लक्ष्मी का ध्यान करें और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।
4. प्रसाद और भोग अर्पण
- श्री यंत्र को कमल का फूल, सफेद मिठाई और फल अर्पित करें।
- अंत में प्रसाद ग्रहण करें और दूसरों को भी वितरित करें।
अगर इस विधि से नवरात्रि में श्री यंत्र साधना की जाए, तो यह अत्यंत प्रभावी होती है।
श्री यंत्र की साधना के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
श्री यंत्र की साधना में कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
- शुद्धता बनाए रखें – साधना के समय शरीर, वस्त्र और स्थान की पवित्रता बहुत आवश्यक होती है।
- सकारात्मक मानसिकता रखें – पूजा करते समय आत्मविश्वास और श्रद्धा बनाए रखें।
- नियमित पूजा करें – नवरात्रि के बाद भी नियमित रूप से श्री यंत्र की पूजा करने से अधिक लाभ मिलता है।
- श्री यंत्र को कभी उपेक्षित न रखें – इसे हमेशा साफ और ऊर्जावान बनाए रखें।
- मंत्र जाप ठीक से करें – श्री यंत्र से संबंधित सही मंत्र का उच्चारण करें।
- श्री यंत्र को कभी जमीन पर न रखें – इसे हमेशा ऊपर उठाकर किसी स्वच्छ स्थान पर रखें।
अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो श्री यंत्र साधना से शीघ्र फल प्राप्त किया जा सकता है।
नवरात्रि में श्री यंत्र साधना (Shri Yantra Sadhana) के लाभ
श्री यंत्र की साधना से व्यक्ति को अनेक लाभ होते हैं, जैसे:
- धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।
- नकारात्मक शक्तियों और बुरी ऊर्जा से रक्षा होती है।
- जीवन में शांति, सौभाग्य और खुशहाली आती है।
- व्यवसाय और नौकरी में उन्नति होती है।
- घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
- मन और आत्मा को शांति और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।

अगर कोई व्यक्ति धन, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में लाना चाहता है, तो नवरात्रि में श्री यंत्र साधना अवश्य करनी चाहिए।
श्री यंत्र साधना (Shri Yantra Sadhana) नवरात्रि में करने से इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह एक शक्तिशाली यंत्र है, जो व्यक्ति को आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागरण प्रदान करता है। इस लेख में हमने विस्तार से बताया कि श्री यंत्र क्या है, इसे कैसे स्थापित करें, इसकी पूजा की सही विधि क्या है और इसके लाभ क्या हैं।
श्री यंत्र साधना (Shri Yantra Sadhana) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर
1. श्री यंत्र क्या है?
श्री यंत्र एक पवित्र ज्यामितीय यंत्र है, जो माँ लक्ष्मी और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह सकारात्मक ऊर्जा, धन, सुख और समृद्धि को आकर्षित करता है।
2. श्री यंत्र को नवरात्रि में स्थापित करने का क्या महत्व है?
नवरात्रि में शक्ति की ऊर्जा सबसे प्रबल होती है। इस समय श्री यंत्र की स्थापना और पूजा करने से इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और यह शीघ्र फल देता है।
3. श्री यंत्र को कहां रखना चाहिए?
इसे पूजा स्थान, व्यापार स्थल या तिजोरी में रखा जा सकता है। इसे पूर्व या उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है।
4. श्री यंत्र की स्थापना के लिए सबसे शुभ दिन कौन सा है?
नवरात्रि के अष्टमी और नवमी तिथि को श्री यंत्र स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है।
5. श्री यंत्र की पूजा कैसे करें?
- श्री यंत्र को गंगा जल से शुद्ध करें।
- इसके चारों ओर अष्टगंध, चंदन और कुमकुम लगाएं।
- दीपक जलाकर श्री यंत्र मंत्र का 108 बार जाप करें।
- माँ लक्ष्मी की आरती करें और प्रसाद अर्पित करें।
6. श्री यंत्र का सबसे प्रभावी मंत्र कौन सा है?
श्री यंत्र साधना के लिए निम्नलिखित मंत्र का जाप किया जाता है:
“ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः”
7. क्या श्री यंत्र को रोज पूजा करनी चाहिए?
हाँ, श्री यंत्र को नियमित रूप से जल, चंदन और फूल अर्पित करना चाहिए और मंत्र जाप करना चाहिए।
8. श्री यंत्र को कब और कैसे शुद्ध करना चाहिए?
हर पूर्णिमा या शुक्रवार को श्री यंत्र को गंगा जल, केसर मिश्रित जल या गाय के दूध से स्नान कराना चाहिए।
9. क्या श्री यंत्र को घर में रखना सही होता है?
हाँ, श्री यंत्र को घर में रखना अत्यंत शुभ होता है, लेकिन इसे सही दिशा और शुद्धता के साथ रखना आवश्यक है।
10. क्या श्री यंत्र साधना (Shri Yantra Sadhana) से आर्थिक समस्याएं दूर हो सकती हैं?
हाँ, श्री यंत्र को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसकी साधना करने से आर्थिक समस्याओं में सुधार होता है।
11. क्या बिना गुरु के श्री यंत्र की साधना कर सकते हैं?
हाँ, श्री यंत्र की साधना गुरु की दीक्षा के बिना भी की जा सकती है, लेकिन अगर गुरु से दीक्षा मिले तो लाभ अधिक होता है।
12. क्या श्री यंत्र केवल धन प्राप्ति के लिए होता है?
नहीं, यह आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा और सुख-समृद्धि के लिए भी प्रभावी होता है।
13. क्या श्री यंत्र को किसी और को दे सकते हैं?
नहीं, श्री यंत्र को दूसरों को नहीं देना चाहिए। यह व्यक्ति की व्यक्तिगत ऊर्जा को संचित करता है।
14. अगर श्री यंत्र टूट जाए या खराब हो जाए तो क्या करें?
अगर श्री यंत्र टूट जाए तो उसे किसी नदी में प्रवाहित कर दें और नया श्री यंत्र स्थापित करें।
15. श्री यंत्र साधना (Shri Yantra Sadhana) से कितने दिनों में फल मिलता है?
अगर श्रद्धा और नियमों का पालन किया जाए, तो श्री यंत्र साधना के 21 से 40 दिनों में सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं।