नवरात्रि (Navratri) में भूलकर भी न करें ये 10 गलतियां, वरना होगी बड़ी हानि!
नवरात्रि (Navratri) में कौन से काम नहीं करने चाहिए?
नवरात्रि (Navratri) एक पवित्र और शक्तिशाली पर्व है, जिसमें देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान विशेष नियमों और अनुशासन का पालन करना जरूरी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में कुछ कार्यों को करने से अशुभ फल प्राप्त हो सकता है और मां दुर्गा की कृपा भी नहीं मिलती। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि नवरात्रि में कौन-कौन से कार्य वर्जित माने जाते हैं और क्यों।
1. नवरात्रि (Navratri) में मांसाहार और शराब का सेवन न करें
नवरात्रि में शुद्धता और सात्विकता का बहुत महत्व है। इसलिए मांसाहार, मदिरा (शराब), प्याज और लहसुन का सेवन पूरी तरह से वर्जित माना गया है। इन चीजों को खाने से शरीर और मन अशुद्ध होते हैं, जिससे धार्मिक साधना और पूजा का पूरा लाभ नहीं मिलता।
जो लोग व्रत नहीं भी रख रहे हैं, उन्हें भी इस दौरान सात्विक भोजन ही करना चाहिए। कहा जाता है कि मांसाहार और शराब का सेवन करने से देवी दुर्गा रुष्ट हो सकती हैं, जिससे जीवन में कई परेशानियां आ सकती हैं।
2. नवरात्रि (Navratri) में बाल और नाखून न कटवाएं
नवरात्रि के दौरान बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये नौ दिन त्याग और संयम के होते हैं, इसलिए इस दौरान सौंदर्य प्रसाधनों और शरीर को सजाने-संवारने से बचना चाहिए।
इसके अलावा, ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा हमारे जीवन में प्रवेश कर सकती है। नवरात्रि के नौ दिनों में शरीर और आत्मा को शुद्ध करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि बाहरी सुंदरता पर।
3. नवरात्रि (Navratri) में क्रोध और अपशब्दों से बचें
नवरात्रि के दौरान मन को शांत और सकारात्मक रखना बहुत जरूरी है। इस दौरान क्रोध, द्वेष, अपशब्दों और झूठ बोलने से बचना चाहिए। क्रोध करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे मन अशांत होता है और पूजा का प्रभाव कम हो जाता है।
अगर इस दौरान किसी से गलत व्यवहार किया जाता है, तो इसका सीधा असर हमारी आध्यात्मिक साधना पर पड़ता है। इसलिए नवरात्रि में मीठा बोलें, सबके साथ प्रेम से व्यवहार करें और अपनी वाणी पर संयम रखें।
4. नवरात्रि (Navratri) में चमड़े से बनी चीजों का उपयोग न करें
नवरात्रि में चमड़े से बनी चीजों, जैसे बेल्ट, पर्स, जूते-चप्पल, और अन्य वस्तुओं का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है। चमड़े का संबंध हिंसा से होता है, जो नवरात्रि की शुद्धता और आध्यात्मिकता के विरुद्ध माना जाता है।
अगर संभव हो तो इन नौ दिनों में खादी, सूती, और प्राकृतिक वस्त्रों का ही उपयोग करें। इससे धार्मिक नियमों का पालन करने के साथ-साथ आत्मिक शांति भी प्राप्त होती है।
5. नवरात्रि (Navratri) में झाड़ू लगाने और घर की सफाई करने का समय
नवरात्रि में रात के समय झाड़ू लगाना अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान रात में झाड़ू लगाने से देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर से सुख-समृद्धि चली जाती है।
हालांकि, नवरात्रि में घर को स्वच्छ और पवित्र रखना बहुत जरूरी है, इसलिए दिन में सफाई जरूर करें। घर की साफ-सफाई से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है।
6. नवरात्रि (Navratri) में काले और गहरे रंग के कपड़े न पहनें
नवरात्रि में काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि यह रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। नवरात्रि आध्यात्मिक और सकारात्मकता का पर्व है, इसलिए इस दौरान सफेद, लाल, पीले, नारंगी और गुलाबी रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
कहा जाता है कि प्रकाश और शुभता के रंग पहनने से देवी दुर्गा की कृपा जल्दी प्राप्त होती है और जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली आती है।
7. नवरात्रि (Navratri) में सोने से पहले खाने-पीने की आदतों का ध्यान रखें
नवरात्रि में सोने से पहले भारी और तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। इससे शरीर और मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और पूजा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
इस दौरान हल्का और सात्विक भोजन करना चाहिए, जैसे फल, साबूदाना, दूध और सूखे मेवे। इससे शरीर ऊर्जा से भरपूर रहता है और पूजा-पाठ के दौरान ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है।
8. नवरात्रि (Navratri) में जमीन पर सोने की परंपरा
बहुत से लोग नवरात्रि में जमीन पर सोते हैं, क्योंकि यह त्याग और तपस्या का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, अगर कोई बीमार या अस्वस्थ है, तो उसे आरामदायक बिस्तर पर ही सोना चाहिए।
इसका धार्मिक महत्व यह है कि जमीन पर सोने से अहंकार नष्ट होता है और व्यक्ति में सादगी और भक्ति की भावना बढ़ती है।
9. नवरात्रि (Navratri) में पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें
नवरात्रि में किसी को उधार या ऋण देना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से आर्थिक हानि हो सकती है और जीवन में कर्ज की समस्याएं बढ़ सकती हैं।
अगर बहुत जरूरी हो, तो किसी को उधार देने से पहले मां दुर्गा का स्मरण करें और धन का सही उपयोग करें।
10. नवरात्रि (Navratri) में व्रत के दौरान गलत आदतों से बचें
अगर आप नवरात्रि में व्रत रख रहे हैं, तो ध्यान रखें कि कोई गलत आदत ना अपनाएं। कई लोग व्रत के नाम पर दिनभर सोते रहते हैं या अनावश्यक मनोरंजन में लगे रहते हैं, जो कि पूजा के महत्व को कम कर देता है।
इस दौरान सत्संग, मंत्र जाप और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए, जिससे मन को शांति मिलती है और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
नवरात्रि एक आध्यात्मिक पर्व है, जिसमें शुद्धता, भक्ति और संयम का पालन करना जरूरी होता है। इस दौरान मांसाहार, शराब, क्रोध, अपशब्द, और नकारात्मक कार्यों से दूर रहना चाहिए। साथ ही, भक्ति और अच्छे कर्मों में ध्यान लगाना चाहिए, ताकि मां दुर्गा की कृपा बनी रहे।
नवरात्रि (Navratri) में कौन से काम नहीं करने चाहिए? – महत्वपूर्ण सवाल और जवाब
1. नवरात्रि (Navratri) में मांसाहार क्यों नहीं करना चाहिए?
नवरात्रि शुद्धता और सात्विकता का पर्व है। मांसाहार और मदिरा का सेवन करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे पूजा का पूर्ण लाभ नहीं मिलता और देवी दुर्गा की कृपा नहीं मिलती।
2. क्या नवरात्रि (Navratri) में लहसुन और प्याज खाना वर्जित है?
हाँ, लहसुन और प्याज को तामसिक भोजन माना जाता है, जो मन और शरीर को आलसी और अशुद्ध बनाते हैं। इसलिए नवरात्रि में इनका सेवन नहीं करना चाहिए।
3. क्या नवरात्रि (Navratri) में बाल और नाखून काट सकते हैं?
नहीं, नवरात्रि में बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति को शुद्धता और संयम का पालन करना चाहिए।
4. क्या नवरात्रि (Navratri) में काले कपड़े पहनना ठीक है?
नहीं, काला रंग नकारात्मकता और अशुभता से जुड़ा हुआ माना जाता है। नवरात्रि में लाल, पीले, सफेद और नारंगी रंग पहनना शुभ होता है।
5. क्या नवरात्रि (Navratri) में रात को झाड़ू लगाना अशुभ है?
हाँ, नवरात्रि में रात को झाड़ू लगाने से घर से लक्ष्मी जी की कृपा चली जाती है और धन हानि हो सकती है।
6. क्या नवरात्रि में सोने से पहले भारी भोजन करना चाहिए?
नहीं, नवरात्रि में सोने से पहले हल्का और सात्विक भोजन करना चाहिए, ताकि शरीर और मन शुद्ध रह सके।
7. क्या नवरात्रि में चमड़े की चीजों का उपयोग किया जा सकता है?
नहीं, नवरात्रि में चमड़े से बनी चीजें जैसे बेल्ट, जूते, पर्स आदि नहीं पहनने चाहिए क्योंकि ये हिंसा और तामसिकता का प्रतीक मानी जाती हैं।
8. क्या नवरात्रि में व्रत के दौरान दिनभर सोना सही है?
नहीं, नवरात्रि में दिनभर सोना आलस्य को बढ़ाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और सत्संग में ध्यान लगाना चाहिए।
9. क्या नवरात्रि में झूठ बोलना और अपशब्द कहना गलत है?
हाँ, नवरात्रि में क्रोध, झूठ और अपशब्दों से बचना चाहिए। इससे नकारात्मकता बढ़ती है और देवी की कृपा नहीं मिलती।
10. क्या नवरात्रि में उधार देना या लेना शुभ है?
नहीं, नवरात्रि में धन का लेन-देन सावधानी से करना चाहिए। यह आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
11. क्या नवरात्रि में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए?
नहीं, नवरात्रि एक धार्मिक और पवित्र समय है, जिसमें संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
12. क्या नवरात्रि में शाम के समय सोना चाहिए?
नहीं, नवरात्रि में दिन में सोना अच्छा नहीं माना जाता। यह आलस्य और नकारात्मकता को बढ़ाता है, जिससे पूजा का प्रभाव कम हो जाता है।
13. क्या नवरात्रि में किसी को गाली देना या अपमान करना ठीक है?
नहीं, नवरात्रि में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना जरूरी है। इस दौरान किसी को अपमानित करना देवी दुर्गा की कृपा को रोक सकता है।
14. क्या नवरात्रि में तामसिक वस्त्र पहनना सही है?
नहीं, नवरात्रि में तामसिक वस्त्र (गहरे और नकारात्मक रंगों वाले) नहीं पहनने चाहिए। हल्के और शुभ रंगों का चयन करना चाहिए।
15. क्या नवरात्रि में जमीन पर सोना जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन जमीन पर सोना त्याग और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इससे अहंकार नष्ट होता है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है।